गेहूं2,425
सरसों5,600
आलू1,200
प्याज1,800
टमाटर1,500
बाजरा2,625
मक्का2,225
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पौधे को अपने जीवन सम्पूर्ण करने के लिए किन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है

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पौधे को अपने जीवन सम्पूर्ण करने के लिए किन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है

किसान ध्यान रखे की फसल को 17 पोषक तत्वों की जरुरत होती है। इस लेख में आप पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से बताएगें।

पौधों को कितने पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है?

वैसे तो प्राथमिक और द्वितीयक पोषक तत्व प्रमुख तत्वों के रूप में जाने जाते हैं। परन्तु पौधों को अपने जीवन यापन करने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है।

पोषक तत्वों का वर्गीकरण उनकी सापेक्ष प्रचुरता पर आधारित है, न कि उनके सापेक्ष महत्व पर। सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता कम मात्रा में होती है, लेकिन वे पौधों के पोषण में प्रमुख तत्व के रूप में महत्वपूर्ण हैं। पोषक तत्वों का वर्गीकरण निम्नलिखित दिया गया है:

1. बुनियादी पोषक तत्व

कार्बन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन ये पोषक तत्व पौधे को वातावरण से ही मिल जाते है।

2. प्राथमिक पोषक तत्व

नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम को प्राथमिक पौध पोषक तत्व के रूप में जाना जाता है। ये सारे सबसे प्रमुख पोषक तत्व है जिनकी पौधे को सबसे आदिक जरुरत होती है।

नाइट्रोजन की आवश्यकता पौधे को वानस्पतिक वृद्धि करने के लिए होती है। नाइट्रोजन की सबसे अधिक आवश्यकता जो फसल ज्यादा लम्बी बढ़ती है उसे होती है।

फॉस्फोरस नई कोशिका के निर्माण में वृद्धि और जड़ वृद्धि के लिए आवश्यक होता है | दाने बनने और दाने की परिपक्वता के लिए भी आवश्यक होता है।

पोटाश रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और ट्रांसपिरेटिन दर को कम करता है और प्रकाश संश्लेषक दर को बढ़ाने में मदद करता है। सबसे ज्यादा पौधा पोटाश का प्रयोग चीनी के स्थानांतरण के लिए करता है।

3. द्वितीयक पोषक तत्व

कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर को द्वितीयक पोषक तत्व के रूप में जाना जाता है।

  • कैल्शियम - यह कोशिका भित्ति का घटक है जो फलों में बहार की परत को ताकतवर बनाता है। कैल्शियम की कमी के कारण टमाटर में ब्लॉसम एन्ड रॉट नामक बीमारी होती है।
  • मैग्नीशियम - क्लोरोफिल आवश्यक घटक है। क्लोरोफिल के कारण पौधे हरे होते है। मैग्नीशियम की कमी के कारण पत्तियों में का रंग फीका हो जाता है।
  • सल्फर - सल्फर तिलहनों और दालों के लिए आवश्यक है क्योंकि यह तिलहनों में तेल की मात्रा और दालों में प्रोटीन की मात्रा में सुधार करता है।

    4. सूक्ष्म पोषक तत्व

    लोहा, जिंक, कॉपर, मैंगनीज, कोबाल्ट, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन, बोरोन और निकल को ट्रेस तत्व या सूक्ष्म पोषक तत्व के रूप में जाना जाता है।

    किसान धयान रखे की प्रमुख पोषक तत्व जैसे की नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश सभी फसलों में अनुमोदित मात्रा में डालने है, बाकि 14 सूक्षम पोषक तत्व मिट्टी की जांच के आधार पर डालने है।

    आप अपने पास के सरकारी कृषि विज्ञानं केंद्र में जा कर खेत की मिट्टी की जांच करा सकते है। जिससे आपको अपनी खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी के बारे में पता चल सके। फिर उस आधार पर आप खेत में पोषक तत्वों का इस्तेमाल कर सकते है।